pic
pic
pic

Shramik Bharat Nirman Sevak


भारत निर्माण सेवक बने और देश की सेवा करें

Bharat Nirman Volunteer (S-BNV), भारत निर्माण सेवक का उद्देश्य है देश में ज्ञान एवं नवीनता समुदाय (Knowledge & Innovation Community) का सृजन करना जो कि भारत सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में प्रशिक्षित होगी | योजनाओं में प्रशिक्षित होने के उपरांत भारत निर्माण सेवक ग्रामीण जनता को उन योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे तथा लाभ से वंचित ग्रामीण लोगों को योजना का लाभ दिलाने की दिशा में मार्गदर्शन करेंगे |

भारत निर्माण सेवक, सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच सेतु का काम करेंगे तथा सोशल ऑडिटर के रूप में विभिन्न योजनाओं की निगरानी भी करेंगे |

शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, खाद्य सुरक्षा का अधिकार, विधि सहायता का अधिकार के साथ-साथ सभी योजनाएं श्रमिक भारत निर्माण सेवकों और KIC के अधिकार क्षेत्र में होंगी |

भारत निर्माण सेवक बने और देश की सेवा करें | श्रमिक भारत निर्माण सेवक के लिए नामांकन प्रारंभ है तथा आपका पहला प्रशिक्षण शिविर महाकुम्भ 2013 संगम इलाहाबाद में आयोजित है |

श्रमिक भारत निर्माण सेवक बनने हेतु इस वेबसाइट के होम पेज में जाकर NGO Profile क्लिक करें और श्रमिक भारत निर्माण सेवक का लिंक खोलें |

नोट- भारत निर्माण सेवक सम्बंधित अधिक जानकारी हेतु इसी पेज के अंत में पूर्ण विवरण सावधानीपूर्वक पढ़ लें |

भारत सरकार का ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण आबादी के कल्याण और विकास के लिए अनेक कार्यक्रमों का क्रियान्यवयन कर रहा है | इन कार्यक्रमों के अंतर्गत निवेश में 26.8% की दर से सालाना बढ़ोतरी की गयी है जो 2001-02 में 7169 करोड़ रुपये से बढ़कर 2011-12 में 76,800 करोड़ रुपये हो गया है | ऐसा पाया गया है कि

1- कार्यक्रमों और अपने हकों के बारे में लोगों में जानकारी की कमी है और

2- कार्यक्रमों के नियोजन, क्रियान्यवयन एवं सामाजिक लेखा परीक्षा में लोगों की भागीदारी सीमित है |

जनता के पास शिकायतों की भरमार है और क्रियान्यवयन एजेंसियां उनका संतोषप्रद ढंग से समाधान कर पाने में समर्थ नहीं हैं |

कार्यान्यवयन एजेंसियों के सामने

स्टाफ की कमी,

मुख्य कर्मियों का बार-बार स्थानांतरण,

प्रशिक्षण एवं उत्कृष्ट कार्यों के प्रदर्शन का अभाव,

अपर्याप्त गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था,

कमजोर सतर्कता एवं निगरानी,

सामाजिक लेखा परीक्षा की कमजोर व्यवस्था

जैसी विविध अड़चनों की वजह से कार्यक्रमों के कई प्रावधान या तो कार्यान्वित नहीं किये गए या उन्हें गलत ढंग से कार्यान्वित किया गया | इन समस्याओं से सुपुर्दगी प्रणाली में गंभीर किस्म की दिक्कतें उत्पन्न हो गयी हैं और कार्यक्रम में भारी निवेश के बावजूद जनता और सरकारी संस्थाओं के बीच का सम्बन्ध विश्वास की कमी की वजह से बिगड़ता हुआ प्रतीत हो रहा है | अनभिज्ञता अथवा बिचौलियों की वजह से सरकार को अपने कार्यक्रमों में अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल रही है |

तमाम योजनाएं बिचौलियों की बजाए सीधे ग्रामीणों तक पहुँचें और वहीँ ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी मिले | केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा, NRDWP, IAY, PMGSY, TMC, NSP, NRHM, RKVY, सर्व शिक्षा अभियान, ग्रामीण बीमा योजना, साक्षर भारत, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जा रहा है | श्रमिक भारत निर्माण सेवक इन योजनाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा पाएँगे |

ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने के उद्देश्य से KIC का सृजन किया जा रहा है -

Key Points-

The initiative endeavors to

1- Build a cohesive Knowledge and Innovation Community (KIC) comprising policy makers, implementers, academia, financial institutions, experts, NGOs and International Bodies and overall the end users.

2- Build collaborations to overcome the challenges.

3- Bridge the urban and rural development gaps.

The main point is to access to information by all to ensure a vibrant and efficient knowledge community and meeting information needs of all constituents of the community.

Strategies to be adopted are-

1- Identification of Bharat Nirman Volunteers (BNV) through village development officers (VDO)

2- Identification of infrastructural and livelihood gaps and needs.

3- Convergence of different departmental schemes.

4- Redressal of public grievances at the doorstep of the people though RATRI CHOUPAL.

5- Mobilization and involvement of community for benefitting under different government scheme.

6- Effective implementation of all types of government schemes at the village level.

7- Preparation of holistic village development plan.

Steps of Information, Education and Communication-

1- Information Need Assessment (INA) - This is the forst step and it is a process of identifying and analyzing specific causes of problems within an organization. A Four Step Model for need assessment is as under

a- Performing Gap Analysis

b- Prioritization of Needs

c- Identification of Cause of Problems and Opportunities

d- Identification of Possible Solution and Growth Opportunities

2- Campaign and Studies– A report on the awareness campaign on Lab to Land initiative at diakkawn community hall, kolasib for bilkhawthilr rural development block on the 31st July, 2012 depicts that for successful implementation of development programs, the need for maximizing people‘s participation in planning, implementation and monitoring of all development programs was necessary.

The effectiveness of program implementation will be enhanced through field level training. The initiative aims at creating Knowledge and Innovation Community to achieve full implementation of rural schemes (Rural Development, Agriculture, Water Shed, Environment, Sanitation, Health, Drinking Water, Income Generation, Employment, Roads, Electrification, Food Security, Land Records, Industries, Irrigation, Citizen’s Charter, Grievance Redressal Mechanism).

चयनित गांवों में प्रशिक्षित भारत निर्माण सेवकों को तैयार किया जाएगा | श्रमिक भारत निर्माण सेवकों का उद्देश्य बहुत व्यापक है |

1- ये भारत निर्माण सेवक आम ग्रामीणों एवं सरकार के बीच सशक्त संपर्क सेतु के रूप में कार्य करेंगे और सरकारी योजनाओं के बेहतर संवाहक एवं प्रेरक के रूप में अपनी भूमिकाओं का निर्वाह करेंगे |

2- इन स्वयंसेवकों को सरकार की तरफ से कोई मानदेय देय नहीं होगा लेकिन उनकी बात सरकार में सुनी जाएगी | वे सरकार को फीडबैक और समस्याओं की जानकारी देंगे |

3- एक तरह से वे योजनाओं और आम जनता के बीच सेतु का काम करेंगे |

4- इसकी नियुक्ति का उद्देश्य एक तरफ तो सरकारी योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी उपलब्ध कराना है तो दूसरी तरफ इनके बारे में जागरूक करना भी है |

5- प्रशिक्षित भारत निर्माण सेवकों का संवर्ग विकसित करने के साथ ही ग्रामीण इलाके में शांति बनाये रखने में मदद करना तथा

6- सरकारी कार्यक्रमों की सामाजिक लेखा परीक्षा को व्यवस्थित करना भी इनके कार्यों में शामिल है |

कौन बन सकता है भारत निर्माण सेवक-

1- भारत का कोई भी नागरिक, जिसकी आयु 18 वर्ष हो चुकी है, भारत निर्माण सेवक बन सकता है |

2- भारत निर्माण सेवक सदस्य बनने के लिए कोई प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाता है |

3- जो लोग सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं, वे ब्लॉक/मुख्यालय या ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन कर सकते हैं |

4- भारत निर्माण सेवकों में एक तिहाई महिलाऐं हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाता है |

भारत निर्माण सेवक का दायित्व व्यापक है | उसे ग्रामीण इलाके में व्यापक निति निर्धारक, मार्गदर्शक और आदर्श के रूप में कार्य करना पड़ता है | वह योजनाओं के क्रियान्वयन में अफसरों के लिए तथा वंचितों को योजना का लाभ दिलाने हेतु दोनों के लिए ‘मार्गदर्शक’ का काम करता है | यही नहीं शिक्षा, स्वास्थ्य सहित तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर उसके प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी उसी की होती है | वास्तव में भारत निर्माण सेवक ऐसा कोई भी कार्य कर सकता है जो जनहित में हो | जो कार्य ग्रामीण जनता की संरक्षा, सुरक्षा एवं हित से जुड़े हों, उसमे वे अपनी भूमिका निभा सकते हैं |

इस तरह भारत निर्माण सेवक की ग्रामीण विकास में काफी महत्वपूर्ण भूमिका है | इन्हें जो जिम्मेदारी दी गयी है, वह एक सजग प्रहरी जैसी है | भारत निर्माण सेवक एक प्रहरी की तरह न सिर्फ ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे बल्कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे |

इन सेवकों के जरिए एक तरफ ग्रामीण विकास को गति मिलेगी तो दूसरी तरफ ग्रामीणों की समस्याओं का तेजी से निपटारा होगा | इनकी बदौलत आदिवासी इलाकों में ग्रामीणों को त्वरित न्याय मिलेगा , योजनाओं की धांधली रुकेगी | ये भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन के संदेशवाहक बनेंगे |

भारत निर्माण सेवक सही मायने में देश के सच्चे सेवक के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे |

Volunteering is in vogue globally. China hosted the 2008 Beijing Olympics, hired volunteers to meet the needs of the participants and to look after the agreements. Similarly during natural disasters, volunteers are always on the forefronts of the rescue missions.

The initiative is also an volunteer based initiative in the form of Bharat Nirman Volunteers.

 

The initiative aims at achieving improvement in the quality of life of people by bringing into fruition provisions of the programs for the development and welfare of the people in rural areas. This scheme seeks to secure greater involvement and commitment of the people at large and make the implementing agencies more responsive and efficient so that the deficiencies and discrepancies in the implementation stage can be diagnosed and corrective measures can be taken to make it more efficient and meaningful. This initiative has been implemented through the NIRD/SIRDs and District Administration at the Panchayat level.

(KIC)

The initiative aims at organization of the stakeholders into a Knowledge and Innovation Community.

S-BNV volunteers who are knitting a knowledge and innovation community (KIC) that will work together for full achievement of the objectives of various government programs being implemented in rural areas for sustainable and inclusive development.

The S-BNVs will become a new effective bridge between the Ministry and the people living in rural areas.

NIRD (National Institute for Rural Development) Hyderabad-

ग्रामीण विकास विभाग का राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संसथान, हैदराबाद 28 राज्य ग्रामीण विकास संस्थाओं (एसआईआरडी) और 89 विस्तार प्रशिक्षण केन्द्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है | पंचायती राज संस्थाओं सहित कार्यान्वयन एजेंसियों, अधिकारीयों, संसाधन व्यक्तियों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों और स्वयंसेवियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण की जिम्मेदारी इन संस्थाओं की है |

Support Sharmik

Money is NOT the only thing that you need to support for social awareness and to make a positive impact. To know more ways of supporting Sharmik Allahabad
click here

Make a donation